24 May 2024

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Wheat MSP 2024 : किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, राज्य सरकार ने बढ़ाया गेहूं का समर्थन मूल्य साथ ही बोनस भी देने का किया वादा, देखिए पूरी जानकारी

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Wheat MSP 2024 : किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, राज्य सरकार ने बढ़ाया गेहूं का समर्थन मूल्य साथ ही बोनस भी देने का किया वादा, देखिए पूरी जानकारी दोस्तों बीते साल 2023 में पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हुए थे, और इस चुनाव के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए घोषणा करते हुए कहा था कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए एवं धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल किया जाएगा।

पीएम मोदी की इस घोषणा का असर अब दिखाई देने लगा है। राजस्थान के पश्चात मध्य प्रदेश सरकार ने भी गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाने का निर्णय ले लिया है। ज्ञात हो कि गेहूं का समर्थन मूल्य केंद्र सरकार ने 2275 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। अब किसानों को इस भाव के अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा आईए जानते हैं पूरी डिटेल..

एमपी सरकार ने बोनस दिए जाने की घोषणा की

दोस्तों मध्य प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने किसानों को गेहूं के उपार्जित हेतु 𝟏𝟐𝟓 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया गया है, एमएसपी 𝟐𝟐𝟕𝟓 रुपए के साथ बोनस दिया जाएगा।

अर्थात इस वर्ष गेहूं की सरकारी खरीदी का भाव एमपी में 2400 रुपए प्रति क्विंटल रहेगा। गौरतलब है की इसके पूर्व राजस्थान सरकार भी गेहूं के समर्थन मूल्य पर बोनस दिए जाने का निर्णय ले चुकी है वहां पर भी समर्थन मूल्य के साथ 125 रुपए बोनस दिए जाने का निर्णय हुआ है।

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सरकार ने यह भी निर्देश दिए

  • अतिरिक्त मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने कहा कि सभी जिलों में समर्थन मूल्य पर रबी उपार्जन गुणवत्तापूर्ण रुप से किया जाएं।
  • सभी कलेक्टर्स अपने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण खरीदी का सिस्टम बनाएं।
  • अन्न का नुकसान न हो इसका विशेष ध्यान रखें।
  • उपार्जन के दौरान मानक मापदंड प्रक्रिया का गंभीरता से पालन कराएं।

गेहूं उपार्जन प्रक्रिया यह रहेगी

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पूर्व प्रक्रिया में किसान को फसल बेचने के लिए SMS प्राप्त होता था। SMS से प्राप्त तिथि पर किसान उपार्जन केन्द्र पर जाकर अपनी फसल बेच सकता था। SMS प्राप्ति की प्रक्रिया में कई बार किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है। सरकार द्वारा तय परिवर्तित व्यवस्था में उपार्जन केन्द्र पर जाकर फसल बेचने के लिए SMS प्राप्ति की अनिवार्यता को समाप्त किया गया है।

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उपार्जन केंद्र का चयन किसान सकेगा

नवीन व्यवस्था में फसल बेचने के लिए किसान, निर्धारित पोर्टल से नज़दीक के उपार्जन केन्द्र तिथि और टाईम हेतु फसल अनुसार स्लॉट का चयन स्वयं कर सकेंगे। उपार्जन केन्द्र, तिथि और टाईम हेतु स्लॉट का चयन नियत तिथि के पूर्व करना अनिवार्य होगा। सामान्य तौर पर उपार्जन प्रारंभ होने की तिथि से उपार्जन समाप्त होने के एक सप्ताह पूर्व तक उपार्जन केन्द्र, तिथि और टाईम हेतु स्लॉट का चयन किया जा सकेगा।

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