24 May 2024

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सरकार ने किसानों के लिए किया नया पोर्टल लॉन्च किसानों को होंगे ये फायदे

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सरकार ने किसानों के लिए किया नया पोर्टल लॉन्च किसानों को होंगे ये फायदे

सरकार ने किसानों के लिए किया नया पोर्टल लॉन्च किसानों को होंगे ये फायदे हमारे देश में किसानों के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर कई कदम उठाए गए हैं। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज बड़ा ऐलान किया।

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हमारे देश में तुअर दाल खरीद प्लेटफॉर्म शुरू कर दिया है इसके साथ ही कहा गया है कि दिसंबर 2027 तक हमारा देश दालों के मामले में आत्मनिर्भर बन सकता है अमित शाह ने कहा है कि इस पोर्टल के माध्यम से किसान अपना पंजीकरण करा सकते हैं और अपने उत्पाद NAFED, NCCF को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बाजार मूल्य पर बेच सकते हैं।

मंत्री अमित शाह ने कहा कि भविष्य में उड़द और मसूर दाल के किसानों के साथ-साथ मक्का किसानों के लिए भी ऐसी ही सुविधा शुरू की जाएगी दालों का ‘बफर स्टॉक’ बनाए रखने के लिए NAFED और NCCF जैसी दो केंद्रीय नोडल एजेंसियां सरकार की ओर से दालों की खरीद करती हैं। जब दालों की कीमतें एमएसपी से नीचे चली जाती हैं तो ये एजेंसियां मूल्य समर्थन योजना के तहत दालों की खरीद भी करती हैं।

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फसल पंजीकृत किसान दालें बेच सकेंगे पोर्टल के लॉन्च के बाद, शाह ने कहा कि बुआई कार्य से पहले, तुअर किसान अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर NAFED और NCCF को बेचने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।

अमित शाह ने कहा कि पंजीकृत तुअर किसानों के पास NAFED/NCCF या खुले बाजार में बेचने का विकल्प होगा। अगर खुले बाजार में अरहर दाल की कीमत एमएसपी से ज्यादा है तो उस स्थिति में औसत दर की गणना एक विधि के जरिए की जाएगी. इसके अलावा इसका भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।

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किसान दालों की खेती नहीं करते शाह ने कहा कि ज्यादातर किसान दालों की खेती नहीं कर रहे हैं क्योंकि कीमतें सुनिश्चित नहीं हैं. अब से इस मंच के माध्यम से खरीद के साथ, यह पहल कृषि क्षेत्र में एक बड़ा सुधार लाएगी और दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा है कि किसानों से तुअर की खरीद की जाएगी और इसकी गारंटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है।

 

आगामी चुनावी साल में ज्यादा खरीदारी की उम्मीद है आम चुनावों से पहले, केंद्रीय नोडल एजेंसियों से पर्याप्त बफर बनाए रखने और खुदरा मुद्रास्फीति पर नियंत्रण रखने के लिए अधिकतम मात्रा में खरीदारी करने की उम्मीद की जाती है 2016-17 के ख़रीफ़ सीज़न में तुअर का उत्पादन 48.7 लाख टन की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया और अगले वर्ष उत्पादन गिर गया और वर्ष 2022-23 में 33.1 लाख टन के निचले स्तर पर पहुंच गया खबर को शेयर करें।

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