28 May 2024

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देवास जिले को सुकन्या जिला बनाने के लिए कलेक्टर श्री गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित

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देवास जिले को सुकन्या जिला बनाने के लिए कलेक्टर श्री गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित

जिला अस्पताल देवास में नवजात शिशुओं के जन्म पर ही पोस्ट ऑफिस के माध्यम से निःशुल्क बनाएं जायेंगे आधार कार्ड

जिले में शिविर आयोजित कर 05 वर्ष तक की बच्चियों के निःशुल्क आधार कार्ड बनाए जाएंगे और 10 वर्ष तक की बच्चियों का सुकन्या समृद्धि खाता खोला जाएगा

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देवास… देवास जिले को सुकन्या समृद्धि जिला बनाने के लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में महिला बाल विकास विभाग एवं पोस्ट ऑफिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में महिला बाल विकास अधिकारी श्रीमती रेलम बघेल, अधीक्षक डाकघर इंदौर ओम प्रकाश चौहान, सहायक अधीक्षक डाकघर इंदौर यशवंत शर्मा, सहायक अधीक्षक डाकघर देवास गोपाल चौधरी, महिला बाल विकास की परियोजना अधिकारी, क्षेत्रिय सुपरवाईजर सहित अन्य उपस्थित थे।

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बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिए कि देवास जिले को सुकन्या जिला बनना है। जैसे ही बालिका को जन्म हो उसको सुकन्या योजना का लाभ दिया जाए। पोस्ट ऑफिस प्रतिदिन जिला अस्पताल में कैंप लगाए और कर्मचारियों की जिला अस्पताल में बैठाए। जिला अस्पताल में नवजात शिशुओं के जन्म पर ही पोस्ट ऑफिस के माध्यम से निःशुल्क आधार कार्ड बनाएं जाए। बैठक में परियोजना अधिकारियों को पोस्ट ऑफिस अधिकारियों के नंबर दिए गए। जिससे अधिकारी आपस समन्वय स्थापित कर सके।

बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने महिला बाल विकास को निर्देश दिए की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने वार्ड में 10 वर्ष तक की लड़कियों की सूची बनाएं। जिससे उन्हें सुकन्या योजना का लाभ दिलाया जा सके। जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं उनके आधार कार्ड बनाया जाए। जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर लगाये।‍ जिसमें 05 वर्ष की बच्चियों के आधार कार्ड नि:शुल्क बनाए जाएंगे और10 वर्ष की बच्चियों का सुकन्या समृद्धि खाता खोला जाएगा। योजना का उद्देश्य बालिकाओं के भविष्य को समृद्ध करनाहै।

बैठक में बताया गया कि योजना में अभिभावक कम से कम 250 रुपए एवं अधिक से अधिक 01 लाख 50 हजार रुपये तक जमा कर सकते हैं। योजना में आय का कोई बंधन नहीं है, ब्याज दर की सर्वाधिक 8.02 प्रतिशत है। अभिभावकों को आय कर में भी छूट मिलेगी।

 

योजना की प्रमुख विशेषताऐं

जन्म से 10 वर्ष तक की आयु की बालिका के नाम से किसी भी डाकघर में यह खोला जा सकता है। एक बालिका के नाम से केवल एक खाता ही खोला जा सकता है। बालिका के नाम से खाता उसके अभिभावक द्वारा संचालित किया जाएगा एवं अभिभावक अधिकतम दो बालिकाओं के खाते खोल सकते है। न्युनतम 250 रूपये से खाता खोला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रूपये जमा कराना आवश्यक है। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 01 लाख 50 हजार रुपये जमा किये जा सकते हैं। खाते में 15 वर्ष तक रकम जमा की जाएगी। खाता खोलने के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक है। सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दर से च्रकवृद्धि वार्षिक ब्याज खाते में देय होगा। बालिका की उम्र 18 वर्ष होने पर शिक्षा/विवाह संबंधी खर्चो की पूर्ति के लिए पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के शेष की 50 प्रतिशत राशि निकाली जा सकती है। भारत में कहीं भी एक डाकघर से दूसरे डाकघर में खाता स्थानांतरित किया जा सकता है। खाता खोले जाने की तिथि से 21 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात् खाता परिपक्व हो जाता है। बालिका की उम्र 18 वर्ष होने के पश्चात् बालिका का विवाह होने पर खाता बंद किया जा सकेगा।

रिपोर्टर :- साजिद पठान

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